भवन संख्या - 770
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बडोन ( कीर्तिनगर , टिहरी गढ़वाल ) के बद्रीदत्त -किसन दत्त निर्मित भवन में पारम्परिक गढवाली शैली की काष्ठ कला, अलकंरण, उत्कीर्णन, अंकन
Traditional House Wood Carving Art of, Badon Ganv , Kirtinagar , Tehri Garhwal
उत्तराखंड के भवनों (तिबारी, जंगलेदार निमदारी, खोली, मोरी, कोटिबनाल ) में पारम्परिक काष्ठ कला, अलकंरण, उत्कीर्णन, अंकन- 770
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संकलन - भीष्म कुकरेती
गाँव, ब्लॉक , जनपद -बडोन गाँव , कीर्तिनगर , टिहरी
स्वामित्व -सुरेंद्र दत्त कामेश्वर प्रसाद बडोनी
निर्माण काल संवत १९७५ अर्थात सन 191 8
भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर , दुखंड
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग -तिबारी , खोली
-खोली विवरण -
प्रस्तुत छायाचित्र से अनुमान लगता है कि भवन में आकर्षक खोली थी (बाह्य सीढ़ियों के कोई चीन नहीं ) और पुनर्निर्माण में छज्जे /बालकोनी के दास, लौह जंगला , खोली की रंग पुताई आदि हुआ है। जिससे खोली के विशेषकर शीर्ष की कला कृतियां अस्पष्ट हो गयी हैं।
खोली विशेषता -
खोली के सिंगाड़ / स्तम्भों में कला -
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ
मुरिन्ड /मथिण्ड शीर्ष में देव मूर्ति स्थिति - छायाचित्र अस्पष्ट किन्तु अनुमान है था
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तिबारी की काष्ठ कला
तिबारी - तल floor पर स्थापित -प्रथम
स्तम्भ (सिंगाड़ ) संख्या -सात /7 सातखामी तिबारी
स्तम्भ कला -
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ लौकी आकर लेता है व ऊपर बढ़ता है , जहाँ हीनतम गोलाई है वहां से अधोगामी पद्म पुष्प से घट , इसके ऊपर ड्यूल से से घुंडी व ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल उत्कीर्णन से घट निर्माण होता है।
स्तम्भ में रिज व डिप्रेसन भी है
थांत में कला -सपाट
तोरणम में कला - तोरणम स्कंध में कला - बाहर लता , गुल व तोरणम के स्कंध में सूर्यमुखी या सूर्य मंडल पुष्प अंकन है
विशेष विशेषता /Exclusivity -
निष्कर्ष- - आकषक , प्रसिद्द laindmaark , अपने समय में दूसरे गाँव के अतिथि जब बडोन गाँव आते थे तो इस सातखामी तिबारी को देखने अवश्य आते थे।
सूचना व फोटो आभार: रामेश्वर बडोनी
यह आलेख कला संबंधित है , स्वामित्व संबंधी लेख नही है I भौगोलिक स्तिथि और व भागीदारों के नामों में त्रुटि संभव है I
Copyright @ Bhishma Kukreti, 2024
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बडोन ( कीर्तिनगर , टिहरी गढ़वाल ) के बद्रीदत्त -किसन दत्त निर्मित भवन में पारम्परिक गढवाली शैली की काष्ठ कला, अलकंरण, उत्कीर्णन, अंकन
Traditional House Wood Carving Art of, Badon Ganv , Kirtinagar , Tehri Garhwal
उत्तराखंड के भवनों (तिबारी, जंगलेदार निमदारी, खोली, मोरी, कोटिबनाल ) में पारम्परिक काष्ठ कला, अलकंरण, उत्कीर्णन, अंकन- 770
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संकलन - भीष्म कुकरेती
गाँव, ब्लॉक , जनपद -बडोन गाँव , कीर्तिनगर , टिहरी
स्वामित्व -सुरेंद्र दत्त कामेश्वर प्रसाद बडोनी
निर्माण काल संवत १९७५ अर्थात सन 191 8
भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर , दुखंड
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग -तिबारी , खोली
-खोली विवरण -
प्रस्तुत छायाचित्र से अनुमान लगता है कि भवन में आकर्षक खोली थी (बाह्य सीढ़ियों के कोई चीन नहीं ) और पुनर्निर्माण में छज्जे /बालकोनी के दास, लौह जंगला , खोली की रंग पुताई आदि हुआ है। जिससे खोली के विशेषकर शीर्ष की कला कृतियां अस्पष्ट हो गयी हैं।
खोली विशेषता -
खोली के सिंगाड़ / स्तम्भों में कला -
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ
मुरिन्ड /मथिण्ड शीर्ष में देव मूर्ति स्थिति - छायाचित्र अस्पष्ट किन्तु अनुमान है था
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तिबारी की काष्ठ कला
तिबारी - तल floor पर स्थापित -प्रथम
स्तम्भ (सिंगाड़ ) संख्या -सात /7 सातखामी तिबारी
स्तम्भ कला -
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ लौकी आकर लेता है व ऊपर बढ़ता है , जहाँ हीनतम गोलाई है वहां से अधोगामी पद्म पुष्प से घट , इसके ऊपर ड्यूल से से घुंडी व ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल उत्कीर्णन से घट निर्माण होता है।
स्तम्भ में रिज व डिप्रेसन भी है
थांत में कला -सपाट
तोरणम में कला - तोरणम स्कंध में कला - बाहर लता , गुल व तोरणम के स्कंध में सूर्यमुखी या सूर्य मंडल पुष्प अंकन है
विशेष विशेषता /Exclusivity -
निष्कर्ष- - आकषक , प्रसिद्द laindmaark , अपने समय में दूसरे गाँव के अतिथि जब बडोन गाँव आते थे तो इस सातखामी तिबारी को देखने अवश्य आते थे।
सूचना व फोटो आभार: रामेश्वर बडोनी
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