Bhishma Kukreti
भवन संख्या - 771
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नेलंग (हरसिल , उत्तरकाशी ) में भवन संख्या १२ (उजड़ा ) की काष्ठ कला, अलकंरण, अंकन उत्कीर्णन
उत्तराखंड के भवन (तिबारी, निमदारी , जंगलादार मकान , , खोली , कोटि बनाल ) में पारम्पपरिक गढवाली शैली की काष्ठ कला, अलकंरण, अंकन उत्कीर्णन - 771
संकलन - भीष्म कुकरेती
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गाँव, ब्लॉक , जनपद -नेलंग , हरसिल , उत्तरकाशी
भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग - तिबारी स्तम्भ
नेलंग का प्रस्तुत उजड़ा भवन कई कथाएं कहता लगता है। चीन अतिक्रमण के कारण कई वर्ष नेलंग आवा जाई से बंद रहा। अब नेलंग खुल गया है तो भवनों का पुनर्निर्माण हो रहा है और पुरानी कला लगभग समाप्त की जा रही है।
यह भवन लगभग 4 महीने हिमपातीय क्षेत्र का भी एक उदाहरण है।
नेलंग में भवन अंकन हेतु नहीं अपितु भवन निर्माण शैली हेतु महत्वपूर्ण हैं।
कोटि बनाल शैली का लगता है।
तिबारी का तल /मंजिल - प्रथम
स्तम्भ (सिंगाड़ ) संख्या -4
स्तम्भ कला -
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ लौकी आकर लेता है व ऊपर बढ़ता है , जहाँ हीनतम गोलाई है वहां से अधोगामी पद्म पुष्प से घट , इसके ऊपर ड्यूल से से घुंडी व ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल उत्कीर्णन से घट निर्माण होता है।
स्तम्भ में रिज व डिप्रेसन भी है (अनुमान )
थांत में कला -अस्पष्ट
विशेष विशेषता - हिमपातीय क्षेत्र में भवन निर्माण शैली का उदाहरण -पत्थर व लकड़ी का मेल से भवन निर्माण
निष्कर्ष- भवन अपने समय का आकषक भवन था। पत्थर व काष्ठ का एक उदाहरण
सूचना व फोटो आभार : भड़ुक राणा
यह लेख भवन कला संबंधित है न कि स्वामित्व हेतु . भौगोलिक , स्वामित्व विवरण श्रुति से मिलती है अत: अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .
सर्वाधिकार @ भीष्म कुकरेती
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