भवन संख्या - 757
-
जमणधार ( थलीसैण , पौड़ी गढ़वाल ) के गौनियाल भवन की काष्ठ कला , अलंकरण , उत्कीर्णन
-
Traditional House Wood Art and Carving Art in House of, Jamandhar Pauri Garhwal
पौड़ी गढ़वाल के भवन (खोली, जंगला , तिबारी, सिंगाड़ ) में काष्ठ कला , अलंकरण , उत्कीर्णन
उत्तराखंड के भवनों में में काष्ठ कला , अलंकरण , उत्कीर्णन श्रृंखला - संख्या - 757

-
संकलन - भीष्म कुकरेती
-
गाँव, ब्लॉक , जनपद - जमणधार , थलीसैण , पौड़ी गढ़वाल
स्वामित्व - नरेंद्र गौनियाल परिवार
भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर , दुखंड या तिभित्या (तीन भीत या दीवाल )
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग -जंगला
- जंगले की जानकारी -
जंगले का तल /floor - प्रथम
छज्जा (काष्ठ या पाषाण ) सामग्री - काष्ठ , सपाट तख्ते व कड़ियों के दास
जंगले में स्तम्भ संख्या -12 बारह
जंगले के स्तम्भ काष्ठ कटान /कला अलंकरण - सपाट कड़ी
तोरणम व छपरिका की कला चर्चा - तोरणम हीन व सपाट व छपरिका का काष्ठ आधार
जंगले के आधार पर क उप जंगला/ रेलिंग की उपस्थिति व कला - लौह कड़ियों का उप जंगला
भवन के कक्षों , मोरियों में द्वारों पर सामान्य ज्यामितीय कटान
विशेष विशेषता Exclusivity - क्षेत्र में अपने समय का स्थलचिन्ह (लैंडमार्क ) . आयुर्वेदाचार्य गुरु गौनियाल का जंगला नाम से प्रसिद्ध

निष्कर्ष- सर्वत्र सपाट ज्यामितीय काष्ठ कला। भवन आकर्षक।
सूचना व फोटो आभार : डाक्टर नरेंद्र गौनियाल
प्रस्तुत विवरण केवल काष्ठ कला हेतु है इसमें स्वामित्व का कोई महत्व न्यायिक स्वामित्व हेतु नहीं है। सूचनाएं श्रुति माध्यम से मिली हैं अतः स्थान व स्वामित्व में अंतर् हो सकता है




Copyright @ Bhishma Kukreti , 2024
PUBLICED BY 

उत्तराखंड की लगूली


— with Umesh Chandra Gauniyal and 2 others.