भवन संख्या - 756
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हुड़ेती (पिथौरागढ़ ) के एक भवन में काष्ठ कला, अलंकरण , उत्कीर्ण
Traditional House Wood Carving Art of Huretee , Pithoragarh , Kumaun
उत्तराखंड के भवनों (बाखली , जंगला , छाजों , खोली ) में काष्ठ कला, अलंकरण , उत्कीर्ण - 756

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संकलन - भीष्म कुकरेती
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गाँव , ब्लॉक , जनपद -हुड़ेती , पिथौरागढ़ , पिथौरागढ़
भवन प्रकार - तिपुर , दुखंड
भवन में काष्ठ कला हेतु मुख्य अंग - दानों के ऊपर बौळी/बली (शहतीर ) ; 5 पांच छाजों में स्तम्भ , तोरणम , ढक्क्न ,
बौळी/बली , धरण (शहतीर ) - दानों ( भूतल के भंडार) के ऊपर बली /बौळी में सामान्य कुमाउनी शहतीरों जैसे कोई कला अंकन /उत्कीर्णन /छेदन नहीं दिख रहा है। (सम्भवतया अस्पष्ट छायाचित्र)
खोली -
खोली के स्तम्भ कला -
आश्चर्य की खोली के स्तम्भ सपाट हैं जो कुमाऊं शैली से अलग है। आश्चर्य तोरणम भी नहीं दीखता है।
- छाजों की कला विवरण -
छाज संख्या -युग्म में 5 पांच छाज
छाज के स्तम्भों में काष्ठ कला - सभी छाजों के स्तम्भ लगभग सामान
छाजों के सिंगाड़ / स्तम्भों में कला -
सभी छाजों में स्तम्भ युग्म में हैं जो एक स्तम्भ लगते हैं।
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट /घुंडी नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ सपाट या कलयुक्त हो ऊपर चढ़ते हैं।
छाज के तोरणम की काष्ठ कला - सभी छाजों के अर्धमंडल /तोरणम में लगभग सपाट कला /अंकन /उत्कीर्णन दिख रहे हैं।
प्रथम तल छाज के निम्न तल के ढक्क्नों में कला - लगभग सपाट किन्तु वास्तव में अंकित रहे होंगे अपने जन्म काल में
द्वितीय तल के छाज के निम्न तल के ढक्क्नों में कला - सपाट और जंगलेयुक्त डंडियां
प्रथम तल के छाज के उपरी ओर के ढक्क्नों कला- सपाट
द्वितीय तल के छाज के उपरी ओर के ढक्क्नों कला-सपाट
छाज के ऊपर छपरिका या छत के आधार में यदि काष्ठ कला विद्यमान है - सपाट व ज्यामितीय कटान की कड़ियां व तख्ते
द्वितीय तल की तीन खड़कियों के ऊपर अर्ध चंद्राकर की सीमेंट पत्थर की संरचना।
द्वितीय तल में दो छाजों मध्य एक गोल गड्ढा व रिजेज /डिप्रेससन की कलेक्ट संरचना भी है। आकर्षक संरचना जो भवन को आकर्षक बनाती है।
निष्कर्ष --- भवन उत्कृष्ट , आकर्षक व काष्ठ कला अंकन की हैं। आकर्षक भवन व आकर्षक काष्ठ कला।
सूचना व फोटो आभार : राजेश उप्रेती
प्रस्तुत आलेख काष्ठ कला पर केंद्रित है ना कि स्वामित्व पर। स्वामित्व या भागीदारों के नाम में अंतर् हो सकता है।



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