Bhishma Kukreti
रुक जा ओ जाने वाली रुक जा .....
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कथा - भीष्म कुकरेती
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मि कुछ दिन फिल्म लाइन म बि रौं। तख मि म्यार दगड्या फिल्म प्रोड्यूसर मनमोहन जखमोला क ओफिस म आणु -जाणु रौंद छौ। तख ओफिस म हिंदी फिल्म संबंधी भौत सी कथा सुणनो मिल्द छौ। मनमोहन जखमोला क प्रोडक्शन मैनेजर 'राव साब ' हिंदी फिल्म लोक कथाओं क भंडार था। ऊन भौत सि कथा सुणैन जु फ़िल्म मैग्जीनों म बि छपेन तो भौत सी कथा नि छपे ह्वेलि जन कि सनी देवल अर डिम्पल कपाड़िया क प्रेम संबंध समाप्ति हेतु धर्मेंद्र न क्या कार अर क्या बिचक्यूं वाक्य ब्वाल आदि आदि।
एक कथा 'राव साब ' न सुणाई छे ज्वा कन्हैया फिल्म क रुक जा ओ जाने वाली रुक जा , मै तो रही तेरी मंजिल का ' .... ' गीत क रचना संबंधी छे। कह्या फिल्म म राजकपूरनूतन की जोड़ी अनुबंधित छे। संगीत शंकर जयकिशन न दीण छौ अर गीत लिखणौ उत्तरदायित्व छौ शैलेन्द्र म ।
शैलेन्द्र म एक एक गीत लिखणो कार्य छौ। एक सीन छौ जखम शन्नो (नरगिस ) रुषेक भगणि सि छे। अर कन्हैया (राजकपूर ) तै शन्नो तै रुकण छौ। कथा अनुसार दृश्य अनुसार फिल्म म गीत म रोमांस बि छौ अर रोमांच बि।
शैलेन्द्र न भौत प्रयत्न कार कि सुंदर गीत लिखे जाय किन्तु शैलेन्द्र तै सफलता नि मील जो दृश्य दगड़ मेल खाओ।
ये इ समय शैलेन्द्र अपर दगड्यों दगड़ मुंबई म बोरीवली क राष्ट्रीय उद्यान /नेशनल गार्डन म पिकनिक मनाणो जयां छा। तब राष्ट्रीय उद्यान म पिकनिक मनाणो कुण जंगल म भोजन पकाणों अनुमति हूंद छे।
पिकनिक म बखर भड़ये गे अर स्वादिष्ट कछबोळी बि बणये गे। पीणो क पुरो प्रबंध छौ। शैलेन्द्र अर दगडया एक छुट धार म शराब पीण अर कछबोळी घुळण म आनंद लीणा छा। द्वी एक बोतल खाली ह्वे गे छे। सब मदिरा अर कछबोळी म व्यस्त चा कि एक आधा हुईं ढक्क्न बंद बोतल मथि से तौळ लमडण मिसे गे। शैलेन्द्र न द्याख बोतल तौळ लमडणि च तो बुलण लगिन ' रुक ! बोतल रुक ! रुक जा हे लमडण वळि बोतल , रुक रुक जा ....
अर इना बोतल नि रुक , शैलेन्द्र क गिच बिटेन शब्द छुटिन - रुक जा , गिरने वाली बोतल रुक ' अर शैलेन्द्र क मष्तिष्क म एक चिंगारी ऐ गे। फटाक से शैलेन्द्र न गीत बणाई - रुक जा ओ जाने वाली रुक जा , मै तो रही तेरे प्यार का।
दुसर दिन शैलेन्द्र न यु गीत जयकिशन व प्रोड्यूसर संत सिंह तै सुणाइ कि सब प्रसन्न ह्वे गेन। संध्या म राजकपूर तै बि गीत सुणाये गे तो बल राजकपूर न शैलेन्द्र तै गौळ लगाई।
गीत फिल्मांकन क समय बोतल लमडदि दिखाए गे जो शैलेन्द्र क अनुभव से लिए गे अर फिल्म म भौत सफल प्रतीक मने गे।
सर्वाधिकार @ भीष्म कुकरेती अप्रैल 2024
लिखवार कथा क सत्यता पर क्वी उत्तरदायित्व नि लींदो
सर्वाधिकार @ भीष्म कुकरेती
Copyright @ Bhishma Kukreti, 2024
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