भवन संख्या - 769
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दिलमी ( उखीमठ , रुद्रप्रयाग ) के सेमवाल भवन की खोली में काष्ठ कला अलंकरण, उत्कीर्णन अंकन
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Traditional House wood Carving Art of Dilmi , Ukhimath , Rudraprayag :
उत्तराखंड के भवन (तिबारी, निमदारी, बाखली,जंगलेदार मकान, खोलियों ) में पारम्परिक गढवाली शैली की काष्ठ कला अलंकरण उत्कीर्णन अंकन संख्या ,- 769
संकलन - भीष्म कुकरेती
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गाँव, ब्लॉक , जनपद -दिलमी , उखीमठ , रुद्रप्रयाग
स्वामित्व -सेमवाल परिवार
भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर, दुखंड
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग -खोली
- जंगले की जानकारी -
जंगले का तल /floor -
छज्जा प्रकार (काष्ठ या पाषाण)-
जंगले में स्तम्भ संख्या -
जंगले के आधार पर क्या उप जंगला/ रेलिंग विवरण - -
जंगले के स्तम्भों में कला व यदि तोरणम व छपरिका आदि पर कला चर्चा -
- खोली की काष्ठ कला -
प्रस्तुत भवन वास्तव में रुद्रप्रयाग का प्रतिनिधि भवन है जिसमे खोली को अति महत्व दिया गया है।
खोली के सिंगाड़ / स्तम्भों में कला -
खोली सिंगाड़ /खाम /स्तम्भ युग्म में हैं और संख्या पांच हैं। बाह्य स्तम्भ सपाट है व अन्य चार उपस्तम्भ के आधार में अंकन /उत्कीर्णन हुआ है किन्तु रंग से अस्पष्ट हो गया है। संभवतया सामान्य रुद्रप्रयाग खोली के आधार में कमल दल का अंकन होगा। आधार के ऊपर सभी उपस्तम्भों में चोटी /रस्सी की लड़ी जैसा अंकन हुआ है। ये लड़ियाँ वाले उप स्तम्भ ऊपर जाकर मुरिन्ड /मथिण्ड /शीर्ष के परत निर्मित होती हैं।
-- खोली के मुरिन्ड /मथिण्ड के ऊपर व बगल की कला -
मुरिन्ड /मथिण्ड /शीर्ष के ऊपर पांच आयत हैं जिनमे दो में सूर्य या सूरजमुखी नुमा आकृतियां हैं। एक में वर्गाकार आकृतियां हैं। तट के दो आयतों में कुछ जालीनुमा आकृति हैं।
मुरिन्ड /मथिण्ड /शीर्ष के बगल में दोनों ओर एक एक आयत हैं जिनमे XX की जाली कला विद्यमान है जो काष्ठ की हैं या नहीं अस्पष्ट हैं।
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मुरिन्ड /मथिण्ड शीर्ष में देव मूर्ति की स्थिति - - मध्य में चतुर्भुज देव की मूर्ति अंकित है।
निष्कर्ष - खोली की कला उत्कृष्ट हैं , ज्यामितीय कटान , प्राकृतिक व मानवीय अलंकरण विद्यमान है।
सूचना व फोटो आभार : आशाराम सेमवाल
* यह आलेख भवन कला संबंधी है न कि स्वामित्व संबंधी, भौगोलिक स्तिथि संबंधी। भौगोलिक व स्वामित्व की सूचना श्रुति से मिली है अत: अंतर के लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं



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