भवन संख्या - 763
-
भीमताल ( भीमताल , नैनीताल ) के एक भवन (संख्या 1 ) में काष्ठ कला, अंकन,अलंकरण, उत्कीर्णन
-
Traditional House Wood Carving Art in Bhimtal , Nainital;
उत्तराखंड के भवन ( बाखली,तिबारी,, छाजों जंगलादार मकान, खोली, ) में कुमाऊं शैली की काष्ठ कला, अंकन,अलंकरण, उत्कीर्णन - 763
संकलन - भीष्म कुकरेती
-
गाँव , ब्लॉक , जनपद -भीमताल , भीमताल
भवन स्वामित्व सूचना -संभवतया होम स्टे
भवन प्रकार - भूतल में खम्बों के ऊपर टिका भवन ,
भवन भाग जिनकी काष्ठ कला महत्वपूर्ण है - पूरा भवन
प्रस्तुत भवन एक अलग प्रकार का भवन है जो अधिकतर तिब्बत से सटे क्षेत्र (हरसिल , नीति , मलारी आदि ) , जौनसार में मिलते हैं जहाँ हिमपात होता है और नागरिक शीतकाल में उत्तरी क्षेत्र के गाँव से दक्षिण की ओर पलायन करते रहते हैं। मेरे सर्वेक्षण बागोरी , मलारी में ऐसे भवन मिले हैं। भीमताल में शीतकाल में शून्य डिग्री तापमान हो जाता है किंतु हिमपात नहीं होता।
भवन पूरा काष्ठ का है तख्ते व कड़ियों के ज्यामितीय कटान से निर्मित हुए हैं। भवन स्तम्भों पर टिके हैं व सीढ़ी भी काष्ठ की हैं। बालकोनी या जंगला भी है।
प्रस्तुत भवन की चर्चा अंकन , उत्कीर्णन हेतु नहीं होगी किन्तु अपने विशेष शैली जो भीमताल की परम्परा से भिन्न है हेतु होगी।
निष्कर्ष --- शैलीगत व ज्यामितीय कटान
सूचना व फोटो आभार: गोपाल रौतेला FB
यह लेख भवन कला संबंधित है न कि स्वामित्व संबंधी। . स्वामित्व जानकारी श्रुति से मिलती है अत: नाम /नामों में अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .
-
भीमताल ( भीमताल , नैनीताल ) के एक भवन (संख्या 1 ) में काष्ठ कला, अंकन,अलंकरण, उत्कीर्णन
-
Traditional House Wood Carving Art in Bhimtal , Nainital;
उत्तराखंड के भवन ( बाखली,तिबारी,, छाजों जंगलादार मकान, खोली, ) में कुमाऊं शैली की काष्ठ कला, अंकन,अलंकरण, उत्कीर्णन - 763
संकलन - भीष्म कुकरेती
-
गाँव , ब्लॉक , जनपद -भीमताल , भीमताल
भवन स्वामित्व सूचना -संभवतया होम स्टे
भवन प्रकार - भूतल में खम्बों के ऊपर टिका भवन ,
भवन भाग जिनकी काष्ठ कला महत्वपूर्ण है - पूरा भवन
प्रस्तुत भवन एक अलग प्रकार का भवन है जो अधिकतर तिब्बत से सटे क्षेत्र (हरसिल , नीति , मलारी आदि ) , जौनसार में मिलते हैं जहाँ हिमपात होता है और नागरिक शीतकाल में उत्तरी क्षेत्र के गाँव से दक्षिण की ओर पलायन करते रहते हैं। मेरे सर्वेक्षण बागोरी , मलारी में ऐसे भवन मिले हैं। भीमताल में शीतकाल में शून्य डिग्री तापमान हो जाता है किंतु हिमपात नहीं होता।
भवन पूरा काष्ठ का है तख्ते व कड़ियों के ज्यामितीय कटान से निर्मित हुए हैं। भवन स्तम्भों पर टिके हैं व सीढ़ी भी काष्ठ की हैं। बालकोनी या जंगला भी है।
प्रस्तुत भवन की चर्चा अंकन , उत्कीर्णन हेतु नहीं होगी किन्तु अपने विशेष शैली जो भीमताल की परम्परा से भिन्न है हेतु होगी।
निष्कर्ष --- शैलीगत व ज्यामितीय कटान
सूचना व फोटो आभार: गोपाल रौतेला FB
यह लेख भवन कला संबंधित है न कि स्वामित्व संबंधी। . स्वामित्व जानकारी श्रुति से मिलती है अत: नाम /नामों में अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .
Copyright @ Bhishma Kukreti, 2024
PUBLICED BY


0 Comments