भवन संख्या - 761
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: नौगांव ( नौगांव , उत्तरकाशी ) में भवन की काष्ठ कला, अलकंरण, अंकन उत्कीर्णन
Traditional House wood Carving Art in ,Nauganv Uttarkashi
उत्तराखंड के भवन (तिबारी, निमदारी , जंगलादार मकान , , खोली , कोटि बनाल ) में पारम्पपरिक गढवाली शैली की काष्ठ कला, अलकंरण, अंकन उत्कीर्णन - 761
संकलन - भीष्म कुकरेती
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गाँव, ब्लॉक , जनपद -नौगांव , नौगांव , उत्तरकाशी
थोकदारों की तिबारी
भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर , दुखंड
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग -तिबारी सिंगाड़ , स्तम्भ
प्रस्तुत भवन में भूतल में पहले बड़े कक्ष (भंडार या गौशाला हेतु प्रयोग होते थे। इनके द्वार -सिंघाड़ों में कलात्मक अंकन दृष्टिगोचर नहीं हो रहा है और कयामितीय कटान भी आकर्षक है।
तिबारी का तल /मंजिल -प्रथम
स्तम्भ (सिंगाड़ ) संख्या -13 तेरह
स्तम्भ कला -
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ लौकी आकर लेता है व ऊपर बढ़ता है , जहाँ हीनतम गोलाई है वहां से अधोगामी पद्म पुष्प से घट , इसके ऊपर ड्यूल से से घुंडी व ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल उत्कीर्णन से घट निर्माण होता है। ऊपरी घट से स्तम्भ थांत ऊपर बढ़ता है व दूसरी ओर से तोरणम का अर्ध मंडप शुरू होता है।
स्तम्भ में रिज व डिप्रेसन भी है
थांत में कला -सपाट दिखती है
तोरणम में कला - तोरणम स्कंध में कला - अस्पष्ट , कुछ अंकन है
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विशेष विशेषता - भवन बहुत लम्बा है। 13 सिंगाड़ों की तिबारी पुरे गढ़वाल क्षेत्र में कहावत है कि - "इन जि मातवर हूंद तो 13 खामों तिबारी नि हूंदी " अर्थात इतना ही धनी होता तो 13 स्तम्भों की तिबारी न होती ?' भवन उत्कृष्ट , आकर्षक व gigantic विशाल श्रेणी।
भवन का रखरखाव प्रशंसनीय है।
निष्कर्ष- -ज्यामितीय व प्राकृतिक अलंकरण
सूचना व फोटो आभार : राकेश पुंडीर
यह लेख भवन कला संबंधित है न कि स्वामित्व हेतु . भौगोलिक , स्वामित्व विवरण श्रुति से मिलती है अत: अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .
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: नौगांव ( नौगांव , उत्तरकाशी ) में भवन की काष्ठ कला, अलकंरण, अंकन उत्कीर्णन
Traditional House wood Carving Art in ,Nauganv Uttarkashi
उत्तराखंड के भवन (तिबारी, निमदारी , जंगलादार मकान , , खोली , कोटि बनाल ) में पारम्पपरिक गढवाली शैली की काष्ठ कला, अलकंरण, अंकन उत्कीर्णन - 761
संकलन - भीष्म कुकरेती
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गाँव, ब्लॉक , जनपद -नौगांव , नौगांव , उत्तरकाशी
थोकदारों की तिबारी
भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर , दुखंड
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग -तिबारी सिंगाड़ , स्तम्भ
प्रस्तुत भवन में भूतल में पहले बड़े कक्ष (भंडार या गौशाला हेतु प्रयोग होते थे। इनके द्वार -सिंघाड़ों में कलात्मक अंकन दृष्टिगोचर नहीं हो रहा है और कयामितीय कटान भी आकर्षक है।
तिबारी का तल /मंजिल -प्रथम
स्तम्भ (सिंगाड़ ) संख्या -13 तेरह
स्तम्भ कला -
स्तम्भ के आधार में अधोगामी पद्म पुष्प दल का उत्कीर्णन हुआ है जो घट नितमित करता है जिसके ऊपर चूड़ी या ड्यूल अंकन है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल के अंकन से घट निर्मित हुआ है। यहाँ से स्तम्भ लौकी आकर लेता है व ऊपर बढ़ता है , जहाँ हीनतम गोलाई है वहां से अधोगामी पद्म पुष्प से घट , इसके ऊपर ड्यूल से से घुंडी व ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल उत्कीर्णन से घट निर्माण होता है। ऊपरी घट से स्तम्भ थांत ऊपर बढ़ता है व दूसरी ओर से तोरणम का अर्ध मंडप शुरू होता है।
स्तम्भ में रिज व डिप्रेसन भी है
थांत में कला -सपाट दिखती है
तोरणम में कला - तोरणम स्कंध में कला - अस्पष्ट , कुछ अंकन है
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विशेष विशेषता - भवन बहुत लम्बा है। 13 सिंगाड़ों की तिबारी पुरे गढ़वाल क्षेत्र में कहावत है कि - "इन जि मातवर हूंद तो 13 खामों तिबारी नि हूंदी " अर्थात इतना ही धनी होता तो 13 स्तम्भों की तिबारी न होती ?' भवन उत्कृष्ट , आकर्षक व gigantic विशाल श्रेणी।
भवन का रखरखाव प्रशंसनीय है।
निष्कर्ष- -ज्यामितीय व प्राकृतिक अलंकरण
सूचना व फोटो आभार : राकेश पुंडीर
यह लेख भवन कला संबंधित है न कि स्वामित्व हेतु . भौगोलिक , स्वामित्व विवरण श्रुति से मिलती है अत: अंतर हो सकता है जिसके लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं .
Copyright @ Bhishma Kukreti, 2024
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