Bhishma Kukreti


भवन संख्या - 759
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गुप्तकाशी ( रुद्रप्रयाग ) के भवन संख्या 4 में काष्ठ कला अलंकरण, उत्कीर्णन अंकन
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Traditional House wood Carving Art of Guptkashi Rudraprayag :
उत्तराखंड के भवन (तिबारी, निमदारी, बाखली,जंगलेदार मकान, खोलियों ) में पारम्परिक गढवाली शैली की काष्ठ कला अलंकरण उत्कीर्णन अंकन संख्या ,- 759


संकलन - भीष्म कुकरेती
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गाँव, ब्लॉक , जनपद -गुप्तकाशी , रुद्रप्रयाग

भवन का प्रकार अर्थात पुर (Floor) व खंड - दुपुर , दुखंड
भवन में काष्ठ कला समीक्षा हेतु मुख्य अंग - जंगला व खोली
- जंगले की जानकारी -
जंगले का तल /floor - प्रथम
छज्जा प्रकार (काष्ठ या पाषाण)- काष्ठ
जंगले में स्तम्भ संख्या -6

जंगले के स्तम्भों में कला - आधार पर घुंडी चूड़ी व पुनः घुंडी उत्कीर्णनन व पुनः ऊपर इसी क्रम की पुनरावृति। ऊपर शीर्ष में छपरिका की कड़ी व तख्ते
- तोरणम कला - केवल तात के दो स्तम्भों के मध्य शीर्ष में तोरणम /arch है। जिसके स्तम्भ सपाट हैं।
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खोली की काष्ठ कला
खोली के सिंगाड़ / स्तम्भों में कला - खोली के सिंगाड़ / स्तम्भ युग्म में हैं जिससे सिंगाड़ चोदे दीखते हैं। युग्म के सभी स्तम्भों में बेल बूटों का अंकन है। आंतरिक स्तम्भ आधार में अलग अंकन है।
सभी स्तम्भों के ऊपरी भाग खोली के शीर्ष /मथिण्ड /मुरिन्ड की परतें बन जाते हैं।

मुरिन्ड /मथिण्ड शीर्ष में देव मूर्ति की स्थिति - - चतुर्भुज मूर्ति


विशेष विशेषता यदि हो - अपने समय का स्थल चिन्ह भवन।
निष्कर्ष - आकर्षक जंगला व आकर्षक खोली , ज्यामितीय , प्राकृतिक व मानवीय अलंकरण
सूचना व फोटो आभार : चरण सिंह केदारखण्डी

* यह आलेख भवन कला संबंधी है न कि स्वामित्व संबंधी, भौगोलिक स्तिथि संबंधी। भौगोलिक व स्वामित्व की सूचना श्रुति से मिली है अत: अंतर के लिए सूचना दाता व संकलन कर्ता उत्तरदायी नही हैं



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उत्तराखंड की लगूली